1. परिष्कार के लेक्चर्स भारत सरकार, प्रादेशिक सरकार, NCERT की किताबों तथा प्रत्येक विषय के उच्च स्तरीय विद्वानों की पुस्तकों के आधार पर तैयार किए जाते हैं ताकि परीक्षा में गलत उत्तर न चुनं और यदि गलत Answer Key जारी की गई है तो उसका न्यायालय तक में प्रमाण-सहित विरोध किया जा सके और सही करवाया जा सके।
  2. देश-विदेश में online lectures के विभिन्न प्रयोगों का अध्ययन कर, सीखने की दृष्टि से, सर्वाधिक प्रभावशाली तरीकों को अपना कर Parishkar world के लेक्चर्स तैयार किए गए हैं।
  3. परिष्कार के लेक्चर्स शिक्षक द्वारा पहले से बनाई हुई PPT के आधार पर तैयार होते हैं इससे—
    1. इसमें Visual media की उन समस्त विधियों को सम्मिलित किया जाता है जो समझने एवं याद रखने की दृष्टि से विद्यार्थी के मस्तिष्क को बहुत रोचक ढंग से मदद करती हैं।
    2. Teacher का subject matter बहुत अच्छा होता है। वह शिक्षक द्वारा पहले से अच्छी तरह सोच-विचार कर, संशोधित कर, काफी-कुछ पूर्णता के साथ तैयार किया है। वह शिक्षक की केवल मेमोरी पर आधारित नहीं होता, इसलिए subject matter में न गलती रहती है न अधूरापन रहता है।
    3. पढ़ाते समय शिक्षक का पूरा ध्यान PPT के matter को समझाने पर रहता है, शिक्षक दर्शक-विद्यार्थी की ओर पीठ नहीं करता, बल्कि विद्यार्थियों की ओर उसका बराबर आई कांटेक्ट रहता है। इसलिए शिक्षक सीखनेवाले से एकाग्रता (Concentration) अधिक करवा लेता है। सीखने की दृष्टि से पढ़ाने का यह तरीका बहुत महत्त्वपूर्ण है।
    4. पहले से PPT तैयार करके पढ़ाने से शिक्षक subject matter को याद करने के दबाव से free हो जाता है तथा उसका सारा ध्यान समझाने पर रहता है इसलिए परिष्कार के वीडियोज़ का विद्यार्थी के स्तर पर learning outcome बहुत अधिक रहता है।
    5. PPT में चित्र, डाइग्राम, ग्राफ़, फ्लो चार्ट, एनीमेशन आदि visuals का प्रयोग होने से कम समय में अधिक समझा जा सकता है और याद भी पक्का-पक्का रखा जा सकता है।
    6. शिक्षक PPT की विषय-वस्तु को समझाने के लिए पेन से जो गोले बनाता है, अंडरलाइन करता है, तुलना करने एवं विश्लेषण करने में जो पेन का इस्तेमाल करता है उससे स्टूडेंट की एकाग्रता और विश्लेषणात्मक (analytical) समझ अधिक मजबूत होती है।
    7. PPT के प्रयोग से स्टूडेंट का समय बचता है जो शिक्षक द्वारा बोर्ड पर लिखते रहने में बहुत अधिक खराब होता है। इसलिए Parishkar World के लेक्चर्स में कम समय में अधिक सीखा जा सकता है और बिना ऊबे हुए रोचकता से सीखा जा सकता है।
    8. Parishkar world के लेक्चर्स में तथ्यात्मक (factual) की तुलना में अवधारणात्मक (conceptual) बातों पर अधिक समय दिया जाता है, क्योंकि टीचर की भूमिका समझानेवाली बातों में अधिक होती है, तथ्यों को तो विद्यार्थी खुद भी काफी-कुछ तैयार कर सकता है।
    9. लेक्चर सुनने के बाद, अपनी शंकाओं का समाधान करने के लिए, प्रश्नों का उत्तर प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी info@parishkar.org पर अपना प्रश्न भेज सकते हैं और Parishkar Word से उसका उत्तर भी यथासमय प्राप्त कर सकते हैं।
    10. व्याख्यान सुनने के बाद उसे विस्तार से याद करने के लिए, स्वाध्याय (Self-Study) करने हेतु अलग से Parishkar World विस्तृत सामग्री (Detail Notes) PDF के रूप में ऑनलाइन ही उपलब्ध करवाता है जिसकी फोटो कॉफी करके भी उपयोग में लिया जा सकता है। ।
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